Gurugram हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक एलिवेटेड रोड का जमीनी काम शुरू, एक्शन मोड में प्रशासन
NHAI और GMDA ने झोंकी ताकत; 300 करोड़ का प्रोजेक्ट बदलेगा शहर की रफ्तार, औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख

Gurugram/गुरुग्राम। साइबर सिटी के सबसे व्यस्त हिस्सों में शुमार हीरो होंडा चौक से कैप्टन उमंग भारद्वाज चौक तक की राह अब आसान होने वाली है। बहुप्रतीक्षित 2.2 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर जमीनी काम शुरू हो चुका है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) और जिला प्रशासन आपसी तालमेल के साथ इस प्रोजेक्ट को युद्ध स्तर पर पूरा करने में जुट गए हैं।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:
लागत: लगभग 300 करोड़ रुपये।
फंडिंग: GMDA द्वारा वित्त पोषित।
निर्माण: NHAI की देखरेख में काम जारी।
डिजाइन: एलिवेटेड सेक्शन और नीचे की सर्विस लेन, दोनों तरफ 3-3 लेन का प्रावधान।
प्रशासनिक तत्परता और सक्रियता
राज्य के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। NHAI ने एस्टीमेट और प्रोजेक्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप देते हुए निर्माण की प्रक्रियाओं को गति दे दी है। स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य है कि बिना किसी देरी के इस प्रोजेक्ट के ढांचागत काम को आगे बढ़ाया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द राहत मिले।
लाखों लोगों और उद्यमियों में खुशी की लहर
यह सड़क गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बन जाने से सेक्टर-37, सेक्टर-10A, कादीपुर और बसाई जैसे औद्योगिक और रिहायशी इलाकों को सीधा फायदा होगा।
ट्रैफिक से निजात: वर्तमान में 2.2 किमी की दूरी तय करने में 30-40 मिनट लगते हैं, जो प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद महज कुछ मिनटों का सफर रह जाएगा।
औद्योगिक क्रांति: सेक्टर-37 इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट केके गांधी और फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशंस के पदाधिकारियों का मानना है कि इस एलिवेटेड रोड से माल की आवाजाही (Import-Export) तेज होगी और इलाके में निवेश बढ़ेगा।
प्रदूषण में कमी: जाम खत्म होने से गाड़ियों का धुआं और शोर कम होगा, जिससे स्थानीय पर्यावरण में सुधार आएगा।
ग्राउंड रिपोर्ट: तेजी से बदल रही तस्वीर
मौके पर सर्वे और प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू होने से स्थानीय निवासियों में भी उत्साह है। सेक्टर-10A के निवासियों का कहना है कि प्रशासन की इस सक्रियता से अब उन्हें उम्मीद है कि सालों पुराने जाम के नरक से उन्हें स्थायी छुटकारा मिल जाएगा।








